
पूर्व प्रधान ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या, सुसाइड नोट बरामद
Pointers by Vyom Tiwari 29-Aug-2024
- ग्राम पंचायत भैल के पूर्व प्रधान विक्रम सिंह ने अपनी कारतूसी बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
- घटना मंगलवार रात की है, जब विक्रम सिंह ने अपने घर में गले पर फायर कर लिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
- पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें विक्रम सिंह ने लिखा कि यह कदम उन्होंने अपनी मर्जी से उठाया है और इसके लिए किसी परिवार सदस्य को जिम्मेदार नहीं ठहराया।
- पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए हमीरपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया और आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।
- विक्रम सिंह अपने पीछे एक बेटी और पत्नी को छोड़ गए हैं, और वे पूर्व में भैल पंचायत के प्रधान रह चुके थे।

हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बर्फबारी और बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
Pointers by Khushbu Bareth 27-Feb-2025
- मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
- भारी बर्फबारी और बारिश की संभावना, जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
- ऊंचाई वाले इलाकों में 60-90 सेमी तक बर्फबारी की चेतावनी दी गई।
- यातायात व्यवस्था, बिजली और संचार सेवाएं बाधित हो सकती हैं।
- पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई।

CBI ने अपने DSP और ED अधिकारी के खिलाफ रिश्वत मामले में आरोप पत्र दाखिल किया
Pointers by Khushbu Bareth 22-Feb-2025
- CBI ने DSP बलबीर सिंह और ED सहायक निदेशक विशाल दीप पर आरोप पत्र दाखिल किया।
- विशाल दीप के भाई विकास दीप और चचेरे भाई नीरज भी आरोपी हैं।
- मामला हिमाचल प्रदेश के 181 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़ा है।
- आरोपियों पर 2.5 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है।
- CBI और ED के अधिकारियों की संलिप्तता से कानून प्रवर्तन एजेंसियों की छवि धूमिल हुई।

हिमाचल प्रदेश का 45% हिस्सा प्राकृतिक आपदाओं के लिए अतिसंवेदनशील: आईआईटी रोपड़ अध्ययन
Pointers by Khushbu Bareth 17-Feb-2025
- हिमाचल का 45% से अधिक क्षेत्र बाढ़, भूस्खलन और हिमस्खलन के लिए अतिसंवेदनशील है।
- मध्यम से उच्च ऊंचाई वाले ढलान वाले क्षेत्र सबसे अधिक जोखिम में हैं।
- आईआईटी रोपड़ ने भू-स्थानिक डेटा का उपयोग करके राज्य की संवेदनशीलता का मूल्यांकन किया।
- अध्ययन का उद्देश्य लक्षित आपदा जोखिम न्यूनीकरण रणनीतियों में मदद करना है।
- निष्कर्ष दूसरी भारतीय क्रायोस्फीयर बैठक में प्रस्तुत किए गए।

हिमाचल में राशन की जांच करेगी केंद्रीय टीम
Pointers by Vyom Tiwari 29-Aug-2024
- हिमाचल प्रदेश के राशन डिपो में मिलने वाले राशन की गुणवत्ता की जांच के लिए केंद्र की एक विशेष कमेटी प्रदेश का दौरा कर रही है।
- कमेटी का मुख्य उद्देश्य यह देखना है कि उपभोक्ताओं को मिलने वाला राशन पोषक तत्वों से भरपूर है या नहीं, और उन्हें समय पर मिल रहा है या नहीं।
- हाल ही में राशन में कमियां, जैसे कि प्लास्टिक जैसे चावल के दाने, सामने आई थीं, जिसके बाद यह जांच हो रही है।
- यह टीम लोगों से बातचीत कर उनकी संतुष्टि और शिकायतों को भी दर्ज करेगी, ताकि भविष्य में राशन वितरण प्रणाली को बेहतर बनाया जा सके।
- हिमाचल प्रदेश में करीब 17 लाख राशन कार्ड धारकों को डिपो से राशन मिलता है, जिसमें बीपीएल और अंत्योदय जैसी योजनाओं के तहत विशेष लाभ दिए जाते हैं।